पृथ्वी से दूर पंहुचा नासा का अंतरिक्षयान

Medhaj News 2 Jan 19,13:04:55 Science & Technology
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नासा की तरफ से अंतरिक्ष में जाकर भारत का नाम रोशन करनेवाली कल्पना चावला, सुनीता विलियम्स के बाद एक नाम और जुड़ गया है वो है मुंबई के श्याम भासकरन का जो नासा के ऐतिहासिक फ्लाइबाय मिशन का हिस्सा थे जो 1 जनवरी को अज्ञात ऑब्जेक्ट अल्टिमा थुले के पास से गुजरा। अल्टिमा थुले हमारे सोलर सिस्टम में सबसे ज्यादा दूरी पर स्थित ऑब्जेक्ट है | सबसे दूर स्थित ऑब्जेक्ट तक पहुंचा नासा का अंतरिक्षयान  ने अल्टिमा थुले से करीब 3,500 किलोमीटर ऊपर उड़ान भरी।





न्यू होराइजन ने जनवरी 2006 को पृथ्वी से छोड़ा गया था। इस फ्लाइबाय मिशन में श्याम भासकरन नासा की जेट प्रोप्लशन लैबरेटरी में काम करते हैं। भासकरन ने कहा था कि अगर 14 जुलाई 2015 को प्लूटो के फ्लाइबाय से तुलना की जाए तो यह आसान होगा क्योंकि उसके आसपास कोई बड़े वस्तुएं नहीं हैं। मिशन में चुनौतियों पर भासकरन ने कहा था कि यह आसान नहीं है क्योंकि इससे पहले तक नासा किसी ऐसी चीज के पास नहीं गया, जिसके बारे में जानकारी ही नहीं थी और जो इतना छोटा और अंधेरे से भरा हो। भासकरन ने बताया कि अल्टिमा थुले को ढूंढना ही अपने आप में चुनौती होनेवाला था। फिलहाल उसके साइज और शेप का कोई अंदाजा नहीं है। 1 जनवरी को न्यू होराइजन स्पेसक्राफ्ट ने अल्टिमा थुले से करीब 3,500 किलोमीटर ऊपर उड़ान भरी। लेकिन अब न्यू होराइजन के पास तक जाने से कई रहस्यों से पर्दा उठ सकता है क्योंकि वह उसकी कुछ तस्वीरें भी भेजेगा।



उनकी जन्म 1963 को मुंबई के माटुंगा में हुआ था। वह मुंबई के पेड्डर रोड पर स्थित केलिनवर्थ में रहते थे। उस जगह पर परमाणु ऊर्जा का डिपार्टमेंट था। उनके पिताजी भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र में ही काम किया करते थे। 1968 में भारत छोड़कर यूएस शिफ्ट हुए थे।1981 में अपने रिश्तेदारों से मिलने मुंबई भी आए | भासकरन इससे पहले भी नासा के कई मिशन्स को नैविगेट कर चुके हैं।


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