राम मंदिर समेत इन मुद्दों पर इस हफ्ते आ सकता है सुप्रीम कोर्ट का फैसला

Medhaj News 4 Nov 19,17:43:09 Entertainment
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सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के चीफ़ जस्टिस रंजन गोगोई (Ranjan Gogoi) 17 नवंबर को रिटायर हो रहे हैं। रिटायरमेंट से पहले सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के बचे सात दिनों में चीफ़ जस्टिस गोगोई की बेंच पांच अहम मामलों पर फ़ैसला सुनाएगी। इस हफ़्ते मंगलवार से चार दिन और अगले हफ़्ते तीन दिन सुनवाई के हैं जो कुल सात दिन बनते हैं। अगले सप्ताह सोमवार और मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में अवकाश है।





वाराणसी, श्रीराम जन्मभूमि अयोध्या पर सुप्रीम कोर्ट में चल रहे मुकदमे की सुनवाई पिछले महीने पूरी हो गई। कयास लगाया जा रहा है कि आगामी सप्ताह के बाद किसी भी दिन फैसला आ सकता है। आने वाले राम जन्मभूमि फैसले को लेकर प्रदेश ही नहीं, पूरे देश में सतर्कता बरती जा रही है। नेताओं को कहा गया है कि अगले सप्ताह के बाद कोई भी कार्यक्रम आयोजित न करें। महात्मा गांधी की 150वीं जयंती पर चल रही संकल्प यात्रा की अंतिम तिथि बढऩे के बाद भी 12 नवंबर निर्धारित किया गया है। जन्मभूमि पर फैसले पर कोई बयानबाजी न करें। विरोधियों द्वारा उकसाया जा रहा है तो उसे नजरअंदाज करें। जुलूस आदि न निकालें। सभी मंत्री जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ नेता व पदाधिकारी कार्यकर्ताओं को संयम बरतने के लिए संपर्क में रहें। हालांकि इस संबंध में भाजपा के पदाधिकारी कुछ बोलने से कतरा रहे हैं लेकिन स्वीकार कर रहे हैं कि संयम बरतने, कार्यक्रम नहीं करने आदि के लिए कहा गया है।





राफेल मामले(Rafale deal) में 14 दिसंबर को सुप्रीम कोर्ट के सुनाए गए निर्णय की पुनर्विचार की मांग के लिए पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा व अरुण शौरी समेत कई अन्य लोगों की तरफ से दाखिल याचिका पर लेना है निर्णय। राफ़ेल मामले पर सुप्रीम कोर्ट के पुराने फ़ैसले को लेकर चुनावी दिनों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ ‘चौकीदार चोर है’ के नारे का इस्तेमाल करने के लिए कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ दाखिल सुप्रीम कोर्ट की अवमानना याचिका पर देना है निर्णय।





केरल के सबरीमाला मंदिर(Sabrimala Mandir) में हर आयु की महिलाओं को प्रवेश दिए जाने के सुप्रीम कोर्ट के फैसले की दोबारा समीक्षा के लिए दाखिल याचिकाओं पर पांच सदस्यीय संविधान पीठ को करना है विचार। केरल के सबरीमाला मंदिर में सैकड़ों साल से चली आ रही परंपरा उस वक्त टूट गई, जब करीब 40 साल की उम्र वाली दो महिलाओं ने मंदिर में प्रवेश कर एक नया इतिहास रच दिया। दरअसल, सबरीमाला में बुधवार के तड़के करीब 40 वर्ष की दो महिलाओं ने मंदिर में प्रवेश किया और भगवान अयप्पा के दर्शन किए, जिसके बाद से ही बवाल मच गया था। मंदिर समिति इसके खिलाफ में खड़ा थी, वहीं सरकार महिलाओं के पक्ष में। दो महिलाओं के प्रवेश के बाद काफी प्रदर्शन हुआ था। सीपीआईएम और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हुई, जिसमें एक 55 वर्ष के बरीमाला कर्म समिति के एक कार्यकर्ता की मौत हो गई थी।


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